एक दिन की हाइक में प्रतिभागिता
प्रकृति का आनन्द लेने या किसी स्थान का अध्ययन करने के लिये हाइक की जाती है। हाइक से अपनी शक्ति तथा कौशल को परखने का सुअवसर प्राप्त होता है। किसी निश्चित उद्देश्य की पूर्ति हेतु हाइक की जानी चाहिए। हाइकर को भोजन पकाना, तम्बू तानना, मानचित्र व कम्पास का ज्ञान होना चाहिए। पीठ पर आवश्यक सामग्री से भरा रकसैक साथ में स्काउट कुल्हाड़ी, चाकू, कम्पास,मानचित्र, लाठी आदि अवश्य हों। हाइक में एक महत्वपूर्ण विषय है, जूता नया न हो तथा फीतेदार हो । हन्टर शू अधिक सुविधाजनक रहता है।
हाइक का सबसे अच्छा समय है-प्रातःकाल या अपराहन 2-3 बज। प्रातःकाल नाश्ता कर हाइक पर जाया जा सकता है, प्रतिदिन 8 से 10 किलोमीटर चलना आनन्ददायक रहता है।
सफल हाइकर को मानचित्र पढ़ना, बनाना तथा रेखाचित्र बनाना (Sketches) आना चाहिए। प्रत्येक हाइकर को हाइक का विवरण अपनी डायरी में अवश्य लिखना चाहिए।
हाइक में जाने के लिये अभिभावकों की लिखित स्वीकृति ले लेनी चाहिए। समय पर उपस्थिति तथा गन्तव्य स्थल पर जाना चाहिए तथा समय पर घर लौटना भी आवश्यक है अन्यथा अभिभावक चिन्तित रहेंगे। हाइक में जाने से पूर्व सामग्री का निरीक्षण तथा उपस्थिति अनिवार्य है। हाइक में प्रोजेक्ट निर्धारित हो तथा मनोरंजन व विविधता का ध्यान रखा जाये ताकि थकावट न हो। प्रत्येक स्काउट गाइड को हाइक का एक काल्पनिक मानचित्र तथा उसकी रिपोर्ट लिखनी चाहिए।
हाइक का सबसे अच्छा समय है-प्रातःकाल या अपराहन 2-3 बज। प्रातःकाल नाश्ता कर हाइक पर जाया जा सकता है, प्रतिदिन 8 से 10 किलोमीटर चलना आनन्ददायक रहता है।
सफल हाइकर को मानचित्र पढ़ना, बनाना तथा रेखाचित्र बनाना (Sketches) आना चाहिए। प्रत्येक हाइकर को हाइक का विवरण अपनी डायरी में अवश्य लिखना चाहिए।
हाइक में जाने के लिये अभिभावकों की लिखित स्वीकृति ले लेनी चाहिए। समय पर उपस्थिति तथा गन्तव्य स्थल पर जाना चाहिए तथा समय पर घर लौटना भी आवश्यक है अन्यथा अभिभावक चिन्तित रहेंगे। हाइक में जाने से पूर्व सामग्री का निरीक्षण तथा उपस्थिति अनिवार्य है। हाइक में प्रोजेक्ट निर्धारित हो तथा मनोरंजन व विविधता का ध्यान रखा जाये ताकि थकावट न हो। प्रत्येक स्काउट गाइड को हाइक का एक काल्पनिक मानचित्र तथा उसकी रिपोर्ट लिखनी चाहिए।
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