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Showing posts from December, 2020

बेडन पॉवेल की जीवनी

बेडन पॉवेल की जीवनी- विश्व के सबसे बड़े वर्दीधारी शैक्षिक आंदोलन (स्काउटिंग) के संस्थापक लार्ड बेडन पॉवेल का नाम स्काउट-गाइड जगत में सदैव याद किया जाता रहेगा। उनके संबंध में संक्षेप में कछ जानकारी यहां दी जा रही है। पूरा नाम- रॉबर्ट स्टीफेन्सन स्मिथ बेडन पॉवेल। प्रचलित नाम- लॉर्ड बेडन पॉवेल (बी.पी.)। 22 फरवरी 1857 को जन्म स्थान- 6 स्टेन पोल स्ट्रीट लैंकेस्टर गेट,लंदन इंग्लैंड में हुआ जिसका वर्तमान नाम- स्टेन पोल टैरेस लंदन(इंग्लैंड)है . पिता- रेवरेण्ड प्रो. हरबर्ट जॉर्ज बेडन पॉवेल। माता- हेनरीटा ग्रेस स्मिथ। पत्नी- 5 मिसेज आलेवसेंट क्लेयर सोम्स ( लेडी बेडन पॉवेल )। बी.पी. सभी भाई-बहिनों में 8वें तथा पुत्र के रूप में छठे थे। 1870- लंदन के चार्टर हाउस स्कूल में प्रवेश लिया। स्कॉलरशिप प्राप्त की। इग्लैण्ड की प्रथानुसार स्कॉलरशिप प्राप्त विद्यार्थी को अपने से सीनियर विद्यार्थियों का काम नि:शुल्क करना होता था। इन्होंने बाथिंग टावेल धोने का काम लिया ,जिससे इनका नाम बाथिंग टावेल भी पड़ा। 1876-19 वर्ष की आयु में बी.पी. चार्टर हाउस से ग्रेजुएशन कर आर्मी की परीक्षा में शामिल हुए। उन्होंने लगभग ...

स्काउटिंग से कैसे जुड़ें ?

स्काउटिंग से कैसे जुड़ें ? स्काउट एवं गाइड ज्वाइन करने के लिए निम्न दो तरीके हैं- अगर आप किसी विद्यालय में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, तो आपको अपने विद्यालय के ऑफिस में सीधे जाकर उनसे कहना होगा कि आप स्काउट्स एंड गाइड्स ज्वाइन करने के इच्छुक हैं तथा इसमें आपको शामिल किया जाये। और अगर आप किसी विद्यालय में नही हैं, तो इसे ज्वाइन करने के लिए स्काउट्स के रेलवे डिवीज़न में जाकर उन्हें इस बारे में सूचित करना होगा। जिसके बाद वो आपको इसमें शामिल करने पर विचार- विमर्श तथा वार्ता करेंगे। इसके अलावा एक सबसे अहम बात जो आपको पता होनी चाहिए कि आप स्काउट्स एंड गाइड्स क्यों ज्वाइन करने के इच्छुक हैं? तथा हर वर्ष के अंत तक वे ऐसे कौन- कौन से लक्ष्य होंगे, जिन्हें आप हर हाल में पूरा करना चाहते हैं, एकल रूप से, तथा एक समूह के तौर पर??   स्काउट-गाइड कैसे बनें स्काउट ट्रूप-गाइड कंपनी दो प्रकार की होती है- (क) नियंत्रित ग्रुप- नियंत्रित ग्रप वे ग्रुप होते हैं।जो किसी संस्था /स्कूल/ कॉलेज प्रबंधन के नियंत्रण में रहकर संचा...

स्काउट दल, गाइड दल, टोली, दलनायक

स्काउट दल, गाइड दल, टोली, दलनायक स्काउट ट्रप ( स्काउट दल )- स्काउट्स के एक दल को स्काउट ट्रप कहते हैं, जिसमें कम से कम 12 व अधिकतम 32 स्काउट्स होंगे। गाइड कम्पनी (गाइड दल )- गाइड्स के एक दल को गाइड कम्पनी कहते हैं, जिसमें कम से कम 12 व अधिकतम 32 गाइड्स रहेंगी। टोली ( पैट्रोल )- प्रत्येक दल (स्काउट ट्रप / गाइड कम्पनी) टोलियों में विभाजित होंगे । प्रत्येक टोली में एक टोली नायक/नायिका तथा एक सैकेण्ड को मिलाकर 6 से 8 तक स्काउट/गाइड हो सकते हैं। दलनायक /नायिका- टोली नायक/नायिका में से, जिन्हें 6 माह का अनुभव हो, यथा सम्भव द्वितीय सोपान बैज प्राप्त हो, उनमें से मानसभा के परामर्श से एक को ट्रूपलीडर (दलनायक)/ कम्पनीलीडर (दलनायिका) तथा दूसरों को सहायक दल नायक/नायिका नियुक्त किया जाता है। वे ए.पी.आरओ. में वर्णित बैज लगाते हैं।

स्काउट गाइड बनने हेतु योग्यता

स्काउट गाइड बनने हेतु योग्यता- कोई भी बालक/बालिका जो भारत के नागरिक हों और 10 वर्ष की आयु कर चुके हों, परन्तु 17 वर्ष से कम हों वे बालक स्काउट तथा बालिका -गाइड बन सकते हैं, बशर्ते कि वे स्काउट गाइड प्रतिज्ञा तथा नियम के प्रति अपनी आस्था प्रकट करें। विद्यालय में अध्ययनरत स्काउट गाइड 18 वर्ष की आयु तक उसी इकाई (यूनिट) में रह सकेंगे। व्यक्तिगत विवरण स्काउट व्यक्तिगत विवरण स्काउट नाम स्का./गाइड…………………………………….. पिता का नाम श्री. ………………… ग्रुप (स्कूल का प्रता………………………….. घर का पूरा पता. ……………………….. फोन ( R )…               ( स्कूल )… जन्मतिथि……………    ब्लड ग्रुप……….. …………..   ...

प्रगतिशील योजना (कब, बुलबुल, रोवर / रेंजर )

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प्रगतिशील योजना (कब, बुलबुल, रोवर / रेंजर ) स्काउट/गाइड प्रगतिशील योजना में अवधि- टुप / कम्पनी में सम्मिलित -आयु 10 वर्ष पूर्ण व 17 से कम हो प्रवेश (दीक्षा)-प्रवेश पाठ्यक्रम पूर्ण करने पर तीन माह बाद प्रथम सोपान-प्रवेश (दीक्षा) के 6 माह बाद द्वितीय सोपान-प्रथम सोपान के 6 माह बाद तृतीय सोपान-द्वितीय सोपान के 6 माह बाद राज्य पुरस्कार-तृतीय सोपान के 9 माह बाद राष्ट्रपति अवार्ड-राज्य पुरस्कार के 12 माह बाद Progressive Plan (kab, Bulbul, Rover / Ranger) उदाहरणार्थ- 1. माना यदि जन्म तिथि – 01-07-2006 हो तो 2. टुपकम्पनी में सम्मिलित – 02-07-2016 या बाद में 3. प्रवेश (दीक्षा)- 03-10-2016 या बाद में 4. प्रथम सोपान- 04-04-2017 या बाद में 5. द्वितीय सोपान- 05-10-2017 या बाद में 6. तृतीय सोपान 06-04-2018 या बाद में 7. राज्य पुरस्कार-07-01-2019 या बाद में 8. राष्ट्रपति अवार्ड-08-01-2020 या बाद में

आयु वर्ग के अनुसार विभाग

आयु वर्ग के अनुसार विभाग बालक(Boys)  आयु वर्ग व वर्ष  बालक(Boys)      दल    सदस्य       संख्या  लीडर    3 से 5 वर्ष-    बन्नी    टमटोला   अधिकतम        20  बन्नी लीडर महिला 10 पर 1  5 से 10 तक कब    पैक  12-24  कब मास्टर या लेडी कब मास्टर     10 से 18 स्काउट  ट्रूप  12-32 स्काउट मास्टर या लेडी स्काउट मा.    15 से 25    रोवर्स   क्रू  08-24 रोवर स्काउट लीडर    बालिका(Girls)  आयु वर्ग व वर्ष    बालिका(Girls)     दल    सदस्य       संख्या  लीडर    3 से 5 वर्ष-    बन्नी    टमटोला   अधिकतम        20  बन्नी लीडर महिला 10 पर 1  5 से 10 तक बुलबुल  फ्लौक 12-24  फ्लाक लीडर महिला    10 से 18 गाइड ...

हमको मन की शक्ति देना

हमको मन की शक्ति देना हमको मन की शक्ति देना , मन विजय करें। दूसरों की जय से पहले, खुद को जय करें। भेदभाव अपने दिल से, साफ कर सकें। दोस्तों से भूल हो तो, माफ कर सकें। झूठ से बचे रहें, सच का दम भरें। दूसरों की जय से पहले, खुद को जय करें। हमको मन की शक्ति देना …॥ मुश्किलें पड़े तो हम पे, इतना कर्म कर। साथ दे तो धर्म का, चलें तो धर्म पर। खुद पे हौसला रहे, बदी से ना डरें। दूसरों की जय से पहले, खुद को जय करें। हमको मन की शक्ति देना , मन विजय करें। दूसरों की जय से पहले, खुद को जय करें।

स्काउट-गाइड "प्रथम सोपान पाठ्यक्रम" से संबंधित प्रश्न

स्काउट-गाइड “प्रथम सोपान पाठ्यक्रम” से संबंधित प्रश्न Q.1 कोनारिल में पैट्रोल के अध्यक्ष कौन हैं? Ans पैट्रोल लीडर.  Q.2 पैट्रोल कॉर्नर क्या है? उत्तर: एक जगह जहां गश्ती के सदस्य चर्चा करते हैं और गश्ती गतिविधियों को पूरा करते हैं।  Q.3 बाहर निकलने से रस्सी के अंत की रक्षा कैसे की जा सकती है? उत्तर: व्हिप करके.  Q.4 किस गाँठ का उपयोग पट्टियों में किया जाता है? Ans रीफ नॉट.  Q.5 जीवन रक्षक के लिए किस गाँठ का उपयोग किया जाता है? Ans. Bow Line.  Q.6 पैट्रोल-इन-काउंसिल के अध्यक्ष कौन हैं? Ans. Patrol Leader Concerned.  Q.7 समूह / कंपनी की सबसे छोटी इकाई का नेता कौन होता है? Ans पैट्रोल लीडर-  Q.8 दो फिसलन वाली रस्सियों में शामिल होने के लिए, किस गाँठ का उपयोग किया जाना है? Ans Fisherman Knot.  Q.9 टुकड़ी नेता को बुलाने के लिए, आप किस सीटी सिग्नल का उपयोग करेंगे? Ans तीन विस्फोटों के बाद एक लंबा विस्फोट-  Q.10 कौन सा व्यायाम पैरों के साथ किया गया एकमात्र बीपी छह व्यायाम है? Ans. 5 वां  Q.11 प्राथमिक चिकित्सा में, आधार, बिंदु, छो...

स्काउट-गाइड "प्रवेश पाठ्यक्रम" से संबंधित प्रश्न

स्काउट-गाइड “प्रवेश पाठ्यक्रम” से संबंधित प्रश्न Q.1 बेडन पावेल का पूरा नाम क्या है? Ans लॉर्ड रॉबर्ट स्टीफेंसन स्मिथ बैडेन पॉवेल। Q.2 बाडेन पॉवेल का जन्म कब और कहां हुआ था? Ans 22 फरवरी 1857 को 16 स्टेनहोप स्ट्रीट, लंदन में। Q.3 पैक्सिल क्या है? Ans बैडेन पॉवेल के घर का नाम पैक्सिल है। Q.4 महिला बाडेन पॉवेल का पूरा नाम क्या है? Ans मिस। ओलेव सेंट क्लेयर सोम्स। Q.5 स्काउटिंग कब अस्तित्व में आई? Ans वर्ष 1907 में। Q.6 भारत में स्काउटिंग की शुरुआत कब हुई? Ans वर्ष 1909 में। Q.7 भारत में “गाइडिंग” की शुरुआत कब हुई? Ans वर्ष 1911 में। Q.8 स्काउट / गाइड के वायदे में कितने भाग होते हैं? Ans तीन भाग Q.9 स्काउट / गाइड साइन कब दिखाया जाता है? उत्तर (क) शपथ / वचन के समय (ख) उसकी पहचान दिखाने के लिए (c) स्काउट-गाइड वादा के पुन: पुष्टि के समय Q.10 स्काउट / गाइड फ्लैग सॉन्ग की रचना किसने की? Ans श्री दया शंकर भट। Q.11 झंडा गीत गाने की अवधि क्या है? Ans 45 सेकंड Q.12 स्काउट / गाइड प्रार्थना गीत की रचना किसने की? Ans वीर देव वीर। Q.13 प्रार्थना गीत गाने की अवधि क्या है? Ans 90...

स्काउट गाइड से सम्बंधित वस्तुनिष्ठ प्रश्न

स्काउट गाइड से सम्बंधित वस्तुनिष्ठ प्रश्न प्रश्न=01. स्काउट एवं गाइड (scouts and guides ) का कर्त्तव्य नहीं है। (अ) भगवान के प्रति (ब) दूसरों के प्रति (स) स्वंय के प्रति (द) माता पिता के प्रति✔ प्रश्न=02. स्काउट एवं गाइड के नियमों में धर्म शब्द का अर्थ है (अ) देश (ब) भगवान✔ (स) जाति (द) माता पिता प्रश्न=03. सवतंत्रता से पहले स्काउट एवं गाइड असफल रहा क्यो कि (अ) राजा के प्रति स्वामी भक्ति✔ (ब) अंग्रेजों ने भारतीयों को नहीं जोड़ा (स) भारत के लोग जागरूक नही थें (द) भारतीयों की उदासीनता प्रश्न=05. स्काउट एवं गाइड की राजस्थान कौन सी पत्रिका प्रकाशित होती है (अ) शिविरा (ब) ज्योति✔ (स) लेखा विज्ञ (द) उजाला प्रश्न=06. भारत में सर्वप्रथम स्काउट ( First scout) की शुरुआत कब और कहाँ हुई ? (अ) शिमला 1909 (ब) जबलपुर 1907 (स) बैंगलूर 1909✔ (द) मद्रास 1910 प्रश्न=07. भारत में प्रथम गाइड ग्रुप की शुरुआत कब और कहाँ हुई ? (अ) शिमला 1909 (ब) बैंगलूर 1910 (स) जबलपुर 1911✔ (द) मद्रास 1912 प्रश्न=08. स्काउट 22 फरवरी को किस दिवस के रूप में मनाते है ? (अ) विचार दिवस (ब) कोशिश दिवस (स) सेवा दिवस✔ (द) आस्था दिवस...

स्काउट गाइड से सम्बंधित महत्वपूर्ण प्रश्न

स्काउट गाइड से सम्बंधित महत्वपूर्ण प्रश्न स्काउट गाइडस का प्रमुख लक्ष्य क्या हैं? आदर्श नागरिक बनना। स्काउटिंग का प्रथम कैम्प कब लगा और कहाँ लगा? 29 जुलाई से 09 अगस्त सन 1907 में ब्राउंसी टापू पर। गाइडिंग की शुरूआत कब हुई? सन 1910 में। विश्व गाइड़ संगठन की स्थापना कब हुई? सन 1928 में। विश्व में गाइड़ के कितने केंद्र कार्यरत है? चार 1- अवर शैले स्विटजरलैण्ड 1932 2- पैक्सलॉज इंग्लैण्ड़ 1991 3- अवरकेबाना मेक्सिको 1957 4- संगम भारत 1996 स्काउट का शाब्दिक अर्थ क्या हैं? गुप्तचर, भेदियाँ, जासूस्। लार्ड बी. पी. स्कूल का नाम क्या है? बैदिंग टॉवल लार्ड बी.पी. का बचपन का नाम क्या हैं? स्टी लार्ड बी.पी. किस वर्ष में कैप्टन हो गयें थे? सन 1883 में 26 वर्ष की अवस्था में। लार्ड बी.पी. को स्काउटिंग की प्रेरणा काब मिली? सन 1899-1900 बुल्फ कब संस्था कब खुली? सन् 1916 में। प्रथम विश्व जम्बूरी किस सन में और कहाँ लगी? सन 1920 में लंदन के ऑलम्पिया शहर में लगी। लार्ड बी.पी. भारत प्रथम बार कब आयें? सन 1876 में। लार्ड बी.पी. कितनी बार भारत आयें? तीन बार सन 1876, 1921, 1937. लार्ड बी.पी. अपनी पत्नि के साथ कितनी ब...

स्काउटिंग क्यों ?

स्काउटिंग क्यों ? देश के बालक-बालिकाओं को सुनागरिक तथा देशभक्त के रूप में तैयार करने के लिए। बालक/बालिकाओं का सर्वागीण विकास करने के लिए। पीड़ितों व जरूरतमंदों के प्रति संवेदना व समाज सेवा का भाव सिखाने के लिए। उनके चरित्र व संस्कारों में सुदृढ़ता लाने के लिए। अपना काम स्वयं करने की आदत डालने के लिए। खुली हवा व प्रकृति के महत्व को समझाने के लिए। आलस्य, उदासी व निष्क्रियता दूर कर सदा मुस्कुराते रहने के प्रशिक्षण के लिए। व्यापक दृष्टिकोण पैदा करने के लिए। शिविर व हाइक द्वारा साहसी जीवन बनाने के लिए। मिलकर काम करने व आपसी समायोजन सिखाने केलिए। सब धर्मों के प्रति समभाव को जगाने के लिए। युवाओं में आंतरिक अनुशासन पैदा करने के लिए। सामाजिक कुरीतियों व अन्धविश्वासों को दूर करने के लिए राष्ट्रीय विकास के कार्यों में सक्रिय सहयोग प्रदान करने के लिए। राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की रैलियों, जम्बूरियों व शिविरों में सहभागिता द्वारा विश्व बन्धुत्व की भावना का विकास करने के लिए। आपदा प्रबन्धन सीखकर आपदा के समय प्रभावित नागरिक की सहायता करने के लिए। पी.टी., आसन,व्यायाम व हाइक द्वारा स्वास्थ्य अच्...

तुम्ही हो माता पिता तुम्ही हो

तुम्ही हो माता पिता तुम्ही हो तुम्ही हो माता, पिता तुम्ही हो । तुम्ही हो बंधू, सखा तुम्ही हो ॥ तुम्ही हो माता, पिता तुम्ही हो । तुम्ही हो बंधू, सखा तुम्ही हो ॥ तुम ही हो साथी, तुम ही सहारे । कोई ना अपना सिवा तुम्हारे ॥ तुम ही हो साथी, तुम ही सहारे । कोई ना अपना सिवा तुम्हारे ॥ तुम ही हो नईया, तुम ही खिवईया । तुम ही हो बंधू, सखा तुम ही हो ॥ तुम ही हो माता, पिता तुम्ही हो । तुम ही हो बंधू, सखा तुम्ही हो ॥ जो खिल सके ना वो फूल हम हैं । तुम्हारे चरणों की धूल हम हैं ॥ जो खिल सके ना वो फूल हम हैं । तुम्हारे चरणों की धूल हम हैं ॥ दया की दृष्टि, सदा ही रखना । तुम ही हो बंधू, सखा तुम्ही हो ॥ तुम्ही हो माता, पिता तुम्ही हो । तुम्ही हो बंधू, सखा तुम्ही हो ॥ तुम्ही हो माता, पिता तुम्ही हो । तुम्ही हो बंधू, सखा तुम्ही हो ॥

स्काउट निनाद (Scout Yells)

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स्काउट निनाद (Scout Yells) निनाद 1 जन्म जहाँ पर……हमने पाया , अन्न जहाँ का ……हमने खाया , वस्त्र जहाँ के……….हमने पहने , वह है प्यारा………..देश हमारा , उस देश की सेवा कौन करेगा……….हम करेंगे,हम करेंगे,हम करेंगे. निनाद 2 रहे मौत को जो ललकार …….उन वीरों की जय जयकार. निनाद 3 बोलो की भाई………बम बोलो की भाई………बम बोलो की भाई………बम भोले गोल गोल ……..गपक लड्डू खाए …….झपक निनाद 4 बोलो की भाई ……..रस बोलो की भाई ……..रस बोलो की भाई ……..रसगुल्ला निनाद 5 सदाचार से …..रहना सीखो मधुर वचन…..कहना सीखो. निनाद 6 बच्चों से………हम प्यार करेंगे, युवकों का…….गुणगान करेंगे, बूढों का ………सम्मान करेंगे, देश में ……….इज्जतदार बनेंगे, कौन………….हम,हम,हम। निनाद 7 बूम लाका बूम लाका ……….बो वो वो चिंग लाका चिंग लाका ……. चो चो चो बूम लाका चिंग लाका हु आर यू ….. वी आर दी स्काउट्स कांट यू सी निनाद 8 हम हैं बच्चे….प्यारे प्यारे, तोड़ के लाये…नभ के तारे , मात्रभूमि के …हमी सहारे. निनाद 9 क्या तुम भूखे……….कभी नहीं क्या तुम प्यासे……..कभी नहीं क्या तुम थकते……..कभी नहीं कभी नहीं…………….कभी नहीं,कभी नहीं,कभी नहीं. निनाद 10 एक हमारा नारा...

पायनियरिंग द्वितीय सोपान की गांठे

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पायनियरिंग टिम्बर हिच (लट्ठा फांस) उपयोग : बहुत सी लकड़ियों को बांधकर ले जाने तथा पुल आदि बनाने में इस फांस का प्रयोग किया जाता है विधि : रस्सी के सिरे को लकड़ियों के चारों ओर घुमाकर लम्बी रस्सी का घेरा लगाते हुए उसी सिरे वाली रस्सी पर वापस कई लपेट लगाने से यह फांस तैयार हो जाती है। यदि गट्ठर को खींचना हो तो चित्र (ख) के अनुसार क्लिक हिच का प्रयोग करें। प्रथम सोपान की गांठे रोलिंग हिच (सरकफांस): उपयोग- यदि एक रस्सी पर खिंचाव है तो उस खिंचाव को कम करने के लिये दूसरी रस्सी से बीच में रोलिंग हिच लगाकर पहली रस्सी के खिंचाव को कम किया जा सकता है। बोरे का मुंह बांधने के लिये भी इसका प्रयोग किया जाता है। किसी प्रोजेक्ट पर बंधी किसी ढीली रस्सी में तनाव देने रस्सी के कमजोर भाग को मजबूती देने के लिए भी इसका प्रयोग किया जाता है । विधि – खिंचाव वाली रस्सी पर दूसरी रस्सी से खूटा फांस लगाते हैं । खंटा फांस की एक अर्ध फांस लगाकर एक चक्कर और दे दें व दूसरी अर्ध फांस लगा दें । रोलिंग हिच मार्लिन स्पाइक या लीवर हिच ( ढेकली फांस ) उपयोग- इसका उपयोग काम चलाऊ सीढ़ी बनाने के लिये किया जाता है । विधि : ...

स्काउटिंग में अष्ठाकार गांठ (Figure of 8 knot) और वर्गाकार बन्धन (Square Lashing) के उपयोग जानें

अष्ठाकार गांठ ( फिगर ऑफ एट नॉट ) : फिगर ऑफ एट नॉट सादी गांठ के स्थान पर लगाई जाती है । इसका उपयोग रस्सी के सिरे को सुरक्षित करने के लिए किया जाता है । इससे रस्सी का सिरा मोटा नहीं होता तथा न ही इस गांठ के कारण काम में कोई बाधा आती है ।  विधिः  इसमें रस्सी के एक सिरे का नीचे की तरफ लूप बनाकर , सिरे को उसी रस्सी के पीछे से लाकर , ऊपर से लूप  रस्सी का सिरा सुरक्षित रहता है और उसकी लड़ें नहीं खुलती ।  वर्गाकार बन्धन ( Square Lashing )  उपयोग :  पुल अथवा मकान बनाते समय मजदूरों के लिए पाड़ या मचान तैयार करने में इस बन्धन का प्रयोग किया जाता है । इसके द्वारा दो लट्ठों या बल्लियों को समकोण पर बांधा जाता है  विधि :  जिस लट्टे पर दूसरे लट्ठे का वजन पड़ रहा हो , उस लट्टे पर खूटा फाँस लगाएँ और फिर इस पर दूसरा लट्ठा धन ( + ) की स्थिति में रखें । अब रस्सी को एक ही दिशा में चार बार लट्टे पर कस कर फ्रेपिंग कर दें । इसका अंत भी खूटा फांस से होगा । बन्धन तैयार हो गया ।  अष्टाकार बन्धन ( Figure of Eight Lashing )  उपयोग :  इसका उपयोग दो या तीन ...

स्काउटिंग में भोजन बनाना व खुले में आग जलाना कैसे सीखें

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खुले में आग जलाना, भोजन बनाना आग ( Fire ) आग-खुले-में-आग-जलाना ( a ) कैम्प में अथवा बाहर प्रयोग में लाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की आग के बारे में जानें । ( b ) खुले में अधिकतम दो तिल्लियों द्वारा लकड़ी की आग जला सके । स्काउट / गाइड को खुले में आग जलाने का तरीका आना चाहिए । हाइक व शिविर में खाना व नाश्ता पकाने के लिए आग जलाने की आवश्यकता पड़ती है । मितव्ययता की दृष्टि से स्काउट गाइड खुले में भी एक या दो तिल्लियों से ही आग जलाने का अभ्यास करें । इसके लिए पहले हवा के रुख को देखें । तेज हवा चल रही हो तो सामने स्वयं आड़ लेकर बैठे या बाल्टी आदि रख लें । पहले मोटी लकड़ियों में सीधे आग न लगायें । थोड़े सूखे पत्ते , कागज , सूखी टहनी या लकड़ी के छिलके एकत्रित करके उनमें आग लगाएं । आग जल जाने पर पहले पतली व बाद में मोटी लकड़ी लगाएं । भोजन बनाना ( Cooking ) ( a ) कैरोसीन प्रेशर स्टोव अथवा गैस स्टोव की कार्य प्रणाली व संभाल जानें । ( b ) खुले में दो व्यक्तियों के लिए पर्याप्त दो प्रकार का सामान्य भोजन तथा चाय या कॉफी बना सके । ( c ) गैस लीक ( रिसाव ) होने की स्थिति में सुरक्षा उपाय जानते हों ।

स्काउटिंग में गैस रिसाव में सावधानियां

गैस रिसाव में सावधानियां- गैस रिसाव में सावधानियां  1.गैस की गंध आते ही गैस बर्नर की नॉब व रेग्यूलेटर को तुरंत बंद कर दें ।  2 . रसोई घर व आसपास की मोमबत्ती या आग तुरंत बुझा दें ।  3 . सभी खिड़की – दरवाजे तुरन्त खोल दें  4. बिजली के स्विचों को न ऑफ करें और न ऑन करें । इससे आग लग सकती है ।   5. गैस लीक होने की सूचना तुरंत अपनी गैस एजेन्सी को दें । गैस एजेन्सी का टेलीफोन नम्बर आपकी गैस पास बुक  में लिखा होगा । 6. गैस सिलेंडर को चूल्हे से हटाकर उस पर ढक्कन लगाकर खुले में रख दें । 7. अपने रसोई घर में अग्नि शमन यंत्र अवश्य लगवायें ।  8. गैस सिलेण्डर में यदि आग लग गई हो तो उसके ऊपर दूर से पानी की धार डालकर उसके तापमान को कम बनाये रखने का प्रयास करें । यह सिलेण्डर 200 डिग्री तापमान होने पर ही फटेगा, पहले नहीं । फायर ब्रिगेड को सूचित करें । 

स्काउटिंग में कम्पास व मानचित्र का उपयोग कैसे करें

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कम्पास व मानचित्र   कम्पास डिब्बीनुमा यंत्र होता है , जिस पर दिशाएं व अंश अंकित होते हैं , बीच में धूरी पर एक तीरनुमा चुम्बकीय सुई होती है ।  कम्पास के 16 बिन्दुओं को जाने ।  दिक्सूचक यंत्र साधारणत : दिशाएं चार मानी जाती हैं- पूर्व , पश्चिम , उत्तर तथा दक्षिण । परंतु किसी स्थान की ठीक – ठीक स्थिति समझने के लिये इन दिशाओं को विभाजित कर 16 दिशाओं का अध्ययन , कम्पास द्वारा किया जाता है ।  कम्पास को सैट करना किसी कॉपी / किताब पर कम्पास को रखकर कापी को दाएं – बाएं इस प्रकार घुमाते हैं कि कम्पास में लिखा उत्तर ( 0° ) व तीर की लाल नोक एक सीध में या ऊपर नीचे आ जाएं । फिर कम्पास में पढ़कर अन्य दिशाएं ज्ञात कर सकते हैं ।

स्काउटिंग में तारा मण्डलों द्वारा उत्तर दिशा ज्ञात करना

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तारा मण्डलों द्वारा उत्तर दिशा ज्ञात करना- रात्रि के समय आसमान के साफ रहने पर दिशाओं का ज्ञान तारों द्वारा भी सरलतापूर्वक प्राप्त किया जा सकता है । ध्रुव तारा सदैव उत्तर दिशा में रहता है । अनेक तारा मण्डलों की सहायता से इसे पहचाना जा सकता है । इस प्रकार उत्तर दिशा का ज्ञान हो जाने पर हम अन्य दिशाओं को जान सकते हैं । इन तारा मण्डलों का संक्षिप्त विवरण निम्न प्रकार है :  1.सप्तर्षि मण्डल ( Great Bear )  इस मण्डल में सात तारे होते हैं । प्रथम चार तारे एक आयत बनाते हैं और शेष तीन तारे एक कोण बनाते हैं । इनमें संख्या 1 तथा 2 की सीध में ध्रुव तारा दिखायी देता है । ध्रुव तारा सदैव उत्तर दिशा में रहता है । सप्तर्षि तारामंडल पृथ्वी के उत्तरी गोलार्ध (हेमीस्फ़ेयर) के आकाश में रात्रि में दिखने वाला एक तारामंडल है। इसे फाल्गुन-चैत महीने से श्रावण-भाद्र महीने तक आकाश में सात तारों के समूह के रूप में देखा जा सकता है। इसमें चार तारे चौकोर तथा तीन तिरछी रेखा में रहते हैं। इन तारों को काल्पनिक रेखाओं से मिलाने पर एक प्रश्न चिन्ह का आकार प्रतीत होता है। इन तारों के नाम प्राचीन काल के सात ऋ...

स्काउटिंग के कार्यक्षेत्र व विभाजन

कार्यक्षेत्रः- प्रणेता बेडेन पॉवेल द्वारा बताए गए कार्यक्षेत्रः- (1) चरित्र निर्माण- स्वावलंबन और आत्मविश्वास (2) समाज सेवा- दूसरों की सेवा और नित्य एक भलाई का कार्य। (3) स्वास्थ्य- आरोग्य के नियम (4) हस्त कौशल- तरह- तरह के कौशलों का ज्ञान (5) धार्मिकता- ईश्वर में विश्वास और अपने धार्मिक नियमों का पालन तथा दूसरों के धार्मिक विश्वासों का सम्मान। नित्य भलाई का कार्य- स्काउट/गाइड सदैव सेवा कार्य में लगे रहते हैं, फिर भी उन्हें नित्य एक भलाई का कार्य करना अनिवार्य होता है। इसके लिए स्कार्फ में एक गाँठ लगाई जाती है। नित्य डायरी लिखना- स्काउट/गाइड को प्रतिदिन अपने कार्यों एवं दिनचर्या का रिकार्ड रखने के लिए डायरी तैयार करना चाहिए। स्काउटिंग जीवन के हर पड़ाव पर जरुरी- स्काउटिंग एक जीवन शैली है। बचपन से वृद्धावस्था तक स्काउटिंग हमारे जीवन में नवीन चेतना का संचार करती है। हर उम्र के व्यक्ति को स्काउटिंग जीवन शैली से जीना चाहिये। उम्र अनुसार विभाजनः- 3 से 5 वर्ष- बनी- टमटोला 6 से 10 तक- कब- बुलबुल 10 से 17 तक- स्काउट- गाइड 17 से 25 तक- रोवर्स- रेंजर्स 25 से अधिक- प्रशिक्षक, मास्टर, तथा स्वैच्छिक...

स्काउटिंग / गाइडिंग क्या है ?(What is Scouting & Guiding)

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स्काउटिंग / गाइडिंग क्या है ?(What is Scouting & Guiding) स्काउटिंग/ गाइडिंग नवयुवको / युवतियों के लिये एक स्वम- सेवी, गैर राजनीतिक शैक्षिक आन्दोलन है जो किसी मूल,  जाति, धर्म, वंश के भेदभाव से परे प्रत्येक व्यक्ति के लिये खुला है तथा लार्ड बेडेन पावेल द्वारा 1907 मे निर्धारित उदेश्य सिद्धान्त व  विधियों पर आधारित है | What is Scouting स्काउटिंग / गाइडिंग है- जीवन के लिए शिक्षा:-   स्काउटिंग/गाइडिंग विद्यालय व परिवार को पूरक है तथा उन आवश्यकताओं की पूर्ति करती है, जिनकी दोनों के द्वारा पूर्ति नहीं की जाती। स्काउटिंग ज्ञान वृद्धि, अन्वेषण, अवलोकन तथा जिज्ञासा का विकास करती है। स्काउटिंग कक्षा-कक्ष से दूर विश्व खोजती है, अन्य लोगों को सीखने की दक्षता को खटखटाती है व, उस ज्ञान को दूसरों को बांटती है।  युवाओं एवं युवतियों के लिए आन्दोलन:-  स्काउटिंग गाइडिगं एक आन्दोलन है प्रगतिशील स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सभी जगह विकसित एवं अनुकूलित की जाती है।  अन्तर्राष्ट्रीयः-  स्काउटिंग/गाइडिंग की विश्व के 216 देशों में मान्यता प्राप्त संगठन/शाख...

स्काउटिंग फॉर बॉयज पुस्तक का प्रस्तावना हिन्दी व अंग्रेजी में

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PREFACE (प्रस्तावना) Scouting has been described by more than one enthusiast as a revolution in education. It is not that. It is merely a suggestion thrown out at a venture for a jolly outdoor recreation, which has been found to form also a practical aid to education. स्काउटिंग को शिक्षा में क्रांति के रूप में एक से अधिक उत्साही लोगों द्वारा वर्णित किया गया है। यह नहीं है कि यह केवल एक जॉली आउटडोर मनोरंजन के लिए एक उद्यम पर फेंका गया एक सुझाव है, जो शिक्षा के लिए एक व्यावहारिक सहायता के रूप में पाया गया है। It may be taken to be complementary to school training, and capable of filling up certain chinks unavoidable in the ordinary school curriculum. It is, in a word, a school of citizenship through woodcraft. इसे स्कूल प्रशिक्षण के पूरक के रूप में लिया जा सकता है, और साधारण स्कूल पाठ्यक्रम में अपरिहार्य कुछ चिन को भरने में सक्षम है। यह, एक शब्द में, वुडक्राफ्ट के माध्यम से नागरिकता का एक विद्यालय है। The subjects of instruction with which it fills the chinks are individual efficiency t...