प्रार्थना सभा व सर्व धर्म प्रार्थनाओं का क्रम
प्रार्थना सभा में प्रतिभागिता महात्मा गांधी जी ने कहा है- “प्रार्थना आत्मा की खुराक है।” भाव-भावना से ओत-प्रोत भाव-विभार होकर की गई प्रार्थना आत्मा को छू जाती है जिसे अंतनिर्हित शक्ति जागृत होकर ईश्वरोन्मुख हो जाती है। प्रार्थना से आत्मा रूपी मैली चादर धुलकर साफ हो जाती है आर, उसम हल्कापन तथा आत्मिक बल आ जाता है। स्काउट/गाइड का प्रार्थना करन का अपना ही एक अनूठा तरीका है। स्वच्छ, शान्त स्थल पर सामूहिक प्रार्थना की जाती है। ऐसी अनुभूति होती है कि, इस स्थल पर मानो मन्दिर, मस्जिद, गिरजा, मठ और गुरुद्वारा एकाकार हो गये हों। प्रत्येक स्काउट गाइड टोलियाँ अपनी-अपनी पूजा पद्धति का अनुसरण करने हेतु स्वतंत्र होती है किन्तु दूसरी पूजा पद्धतियों का समादर करते हैं। वे यह जानते हैं, कि पूजा-विधि व भाषायें अलग-अलग हो सकते हैं पर गन्तव्य बिन्दु एक ही है। सभी मतावलम्बी एक ही ईश्वर की सत्ता पर विश्वास करते हैं, जबकि नाम-ईश्वर, अल्लाह, गॉड, वाहेगुरु आदि अलग-अलग है। हिन्दू धर्म का मत है कि जनसाधारण द्वारा निर्गुण ब्रह्म पर ध्यान केन्द्रित करना असम्भव होता है। अतः इससे सगुण से निगुर्ण की ओर जाने का सू...