स्काउट गाइड के 3 प्रतिज्ञा

स्काउट गाइड के 3 प्रतिज्ञा

मैं मर्यादापूर्वक प्रतिज्ञा करता करती हूँ कि, मैं यथाशक्ति ईश्वर और अपने देश के प्रति अपने कर्तव्य का पालन करूंगा/करूंगी।

  • दूसरों की सहायता करूंगा/करूंगी, और
  • स्काउट/गाइड नियम का पालन करूंगा/करूंगी।

नोट-‘ईश्वर’ शब्द के स्थान पर इच्छानुसार ‘धर्म’ शब्द का प्रयोग किया जा सकता है।

स्काउट/गाइड प्रतिज्ञा में ‘मर्यादा’ का महत्व

स्काउट/गाइड प्रतिज्ञा में ‘मर्यादा’ का विशेष महत्व है। जब स्काउट गाइड प्रतिज्ञा करते हैं तो उसमें सत्यता, पवित्रता एवं विश्वसनीयता इत्यादि का भाव सम्मिलित रहता है कि हर परिस्थिति में वे उसका निर्वाह करेंगे।

“यथाशक्ति” से तात्पर्य है कि यथा सम्भव अपनी पूरी शक्ति से उसका पालन करना।

“ईश्वर के प्रति कर्त्तव्य” का तात्पर्य है- ईश्वर की सत्ता में अटल विश्वास का होना। ईश्वर सर्वत्र व्याप्त है, सर्व शक्तिमान है, सर्व नियन्ता और दृष्टा है। सकल ब्रह्माण्ड उसकी कृति है। प्रकृति उसके ही आदेश का पालन करती है। उसके आदेश के बिना पत्ता तक नहीं हिल सकता। अतः उसकी शक्ति का भान हमें अवश्य होना चाहिए। स्काउट/गाइड का ईश्वर की सत्ता में अटल विश्वास होता है। प्रार्थना, प्रकृति अवलोकन, पर-सेवा, प्राणिमात्र के प्रति प्रेम, प्रकृति विश्वास आदि कार्यों द्वारा स्काउट गाइड ईश्वर के प्रति अपनी कृतज्ञता प्रकट करते हैं।

“देश के प्रति कर्त्तव्य” से तात्पर्य है-देश-भक्ति । स्काउट/गाइड अपने देश से प्यार करते हैं। उसकी संस्कृति और मान्यताओं का आदर कर रूढ़िवादिता का बहिष्कार करते हैं। देश के संविधान, ध्वज, राष्ट्रीय प्रतीकों का तथा देश के नियम के प्रति आस्थावान होत है। अपने राष्ट्र की उन्नति में सदा तत्पर रहते हैं तथा उसकी आन-मान-मर्यादा की रक्षा हेतु मर मिटने को तैयार रहते हैं।

“दूसरों की सहायता करना” अर्थात जरूरत मंदों की यथासम्भव सहायता करना-एक ईश्वरीय कार्य है। निःस्वार्थ भावना से किया गया सेवा-कार्य ईश्वर की सच्ची है। प्रतिफल की अपेक्षा से जो सेवा की जाती है वह-चाकरी या वृत्ति हो सकती है-सेवा नहीं। वे अपने स्कार्फ पर एक गाँठ बांध लेते है कि प्रतिदिन कम से कम एक भलाई का कार्य अवश्य करेंगे। इस प्रकार प्रतिदिन छोटे-छोटे भलाई के कार्य (Good Turn) करके अपनी आदत बना लेते है। आयु की वृद्धि के साथ-साथ बड़े कार्य (सामुदायिक विकास कार्य) करते हैं। दूसरों की सहायता करने में उन्हें वह सुख मिलता है, जो भौतिक साधनों से नहीं मिल सकता। भौतिक सुख की अनुभूति शरीर को होती है, किन्तु दूसरों की सहायता से सुख की अनुभूति मन और आत्मा को होती है।

“स्काउट नियम का पालन करना”- विश्व के सभी धर्मों की अच्छी बातों का सार तत्व स्काउट/गाइड नियम में सम्मिलित है। यदि यों कहा जाये कि “नियम” विश्व के सभी धर्मों में उल्लिखित जीवन-मूल्यों का संग्रह है, तो इसमें कुछ गलती नहीं होगी। जीवन की नैया को ठीक दिशा में ले जाने के लिये नियम पतवार है व स्काउट पुरुष का प्राण है।

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