विश्व स्काउट ध्वज (बनावट व महत्व)
विश्व स्काउट ध्वज (बनावट व महत्व)
- यह ध्वज गहरे बैंगनी रंग का होता है और बीच में सफेद रंग का विश्व स्काउट बैंज बना होता है। बैज के चारों ओर सफेद रंग की रस्सी का गोल घेरा होता है।
- इस गोल घेरे के नीचे की ओर रीफ नॉट लगी होती है। इस ध्वज की नाप 3 : 2 के अनुपात में होती है। यह बैंगनी रंग अंतर्राष्ट्रीय प्रेम, और सेवा का प्रतीक होता है।
- इसमें लगी हुई रीफ नॉट विश्व भ्रातृत्व का प्रतीक है और बैज के दो सितारे स्काउट नियम व प्रतिज्ञा के प्रतीक हैं।
- इस ध्वज को 18वें विश्व सम्मेलन लिस्वन में सन् 1951 में स्वीकार किया गया। इसे अंतर्राष्रीय शिविरों, सम्मेलनों आदि में फहराया जाता है।
- यदि इसे दलों में फहराना हो तो भारत स्काउट व गाइड झन्डे से ऊँचा और उसके दाहिनी ओर फहराना चाहिए। राष्ट्रीय ध्वज के बाये तथा इससे नीचा होगा।

विश्व स्काउट-ध्वज को 18वें स्काउट सम्मेलन-1961 में लिस्बन में स्वीकार किया गया। ध्वज का आकार संस्था के ध्वज (Association Flag) की भांति 3:2 के अनुपात में होता है। ध्वज का कपड़ा जामुनी रंग (Purple) का होता है जिसके मध्य में 3:2 के अनुपात का विश्व स्काउट बैज बना होता है। विश्व ध्वज की लम्बाई व चौड़ाई 135×90 से. मी. है।
इसी प्रकार विश्व स्काउट बैज की साइज भी 45×30 से. मी. होती है। हमारे संस्थापक के अनुसार तीन पंखुड़ियाँ प्रतिज्ञा के तीन भागों को दर्शाती हैं। सुई सही दिशा का प्रेरक और दो तारे प्रतिज्ञा व नियम व ज्ञान तथा सच्चाई को दर्शाते हैं। रस्सी का गोला विश्व व्यापी संस्था को दर्शाता है।
विश्व ध्वजों को केवल विश्व स्तर के शिविर या सभाओं में ही फहराया जाता है।
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