गाइड का दीक्षा संस्कार
गाइड का दीक्षा संस्कार
अभिलाषी (रिक्रूट) ने प्रवेश परीक्षा पूर्ण कर ली है। उसके पेट्रोल लीडर ने उसे पूरी तरह तैयार कर दिया है और, वह गर्ल गाइड महान भगिनित्व के सदस्य के रूप में प्रवेश किये जाने के लिए तैयार है। समारोह सरल है। लेकिन प्रवेशार्थी इस विषय में हताश हो सकती है। इसमें उसकी सहायता की जानी चाहिए और जहां तक सम्भव हो उसकी हताशा को दूर करना चाहिए। प्रवेश के समय शान्ति और प्रसन्नता का वातावरण होना चाहिए। समारोह का पूर्व अभ्यास कर लेना चाहिए ताकि सब कुछ बिना रुकावट चलता रहे और इस प्रवेश की यादगार में यह दिन उसके जीवन में सबसे महत्वपूर्ण बना रहे।
गाइड का दीक्षा संस्कार की प्रक्रिया :-
दीक्षा समारोह के समय झण्डे का होना आवश्यक है। कम्पनी नालाकार में खड़ी होती है। गाइड्स अपनी दोस्ती के स्वरूप कन्धे से कन्धा मिलाकर खड़ी होती है। गाइड कैप्टन नालाकार के खुले स्थान पर खड़ी होती है। सहायक गाइड कैप्टन ट्रे (Tray) में बैज और स्कार्फ लेकर गाइड कैप्टन के पास खड़ी होती है .
प्रत्येक गाइड का अलग-अलग प्रवेश किया जायेगा। अतः एक दिन में एक या दो से अधिक दीक्षा नहीं दी जाये। कम्पनी नालाकार बनावट में खड़ी होती है। गाइड कैप्टन प्रवेशार्थी के पेट्रोल लीडर को उसे आगे लाने के लिए कहती है। पैट्रोल लीडर प्रवेशार्थी को अपनी बायीं ओर लेकर मार्च करती हुई गाइड कैप्टन से दो कदम की दूरी पर आकर रुक जाती है। पेट्रोल लीडर सैल्यूट कर कहती है-
“कैप्टन मैं कुमारी को जिसने अपना प्रवेश टेस्ट पूरा कर लिया और जो एक गाइड के रूप में प्रवेश लेना चाहती है, प्रस्तुत करती हूँ।” इसके बाद पेट्रोल लीडर एक कदम पीछे हटती है। समारोह समाप्ति तक वहीं खड़ी रहती है।
विधि
गाइड कैप्टन.-(प्रवेशार्थी से) क्या तुम जानती हो कि तुम्हारी मर्यादा क्या है?
प्रवेशार्थी-जी हाँ, कैप्टन मेरी मर्यादा का अर्थ है मुझ पर सच्ची और ईमानदार होने का विश्वास किया जा सकता है।
गाइड कैप्टन- क्या तुम गाइड नियम जानती हो?
प्रवेशार्थी- जी हाँ, कैप्टन।
गाइड कैप्टन- क्या में, विश्वास कर सकती हूँ कि, तुम अपनी मर्यादा के लिए भरसक प्रयत्न करोगी।
ईश्वर और अपने देश के प्रति अपने कर्तव्य का पालन करोगी, दूसरों की सहायता करोगी और गाइड नियम का पालन करोगी?
प्रवेशार्थी- जी हाँ, कैप्टन। इसके पश्चात् प्रवेशार्थी गाइड चिह्न बनाती है और अन्य सभी पूर्व दीक्षित गाइडस भी ऐसा ही करती है तथा प्रतिज्ञा को दोहराती है।
प्रवेशार्थी- मैं मर्यादापूर्वक प्रतिज्ञा करती हूँ कि मैं यथाशक्ति ईश्वर और अपने देश के प्रति अपने कर्त्तव्य का पालन करूंगी। दूसरों की सहायता करूंगी और गाइड नियम का पालन करूंगी। (इसके पश्चात् सभी सावधान की स्थिति में आ जाती हैं।)
गाइड कैप्टन- मैं विश्वास करती हूँ कि, तुम इस प्रतिज्ञा का मर्यादा पूर्वक पालन करोगी और प्रतिदिन एक भलाई का काम करने की कोशिश करोगी।
तब गाइड कैप्टन दीक्षार्थी की आस्तीन के मध्य में पिन से सदस्यता का बैज लगाती है और गर्दन के चारों ओर स्कार्फ बांध लेती है। दीक्षार्थी का इस आन्दोलन में एक सदस्य के नाते स्वागत करती है। बायाँ हाथ मिलाती है और, दाहिने हाथ से सैल्यूट करते हुए कहती है कि अब तुम गाइड्स के महान आन्दोलन की सदस्या बन गई हो। इसके पश्चात् नई गाइड सैल्यूट करती है।
गाइड कैप्टन- पीछे मुड़ (इस पर पैट्रोल लीटर और नवीन गाइड दोनों पीछे मुड़कर कम्पनी की ओर मुंह कर लेते है।) इतना कर लेने पर गाइड कैप्टन कहती है- “गाइडस मैं तुम्हें नई गाइड बहन सुश्री…..को प्रस्तुत करती हूँ। ‘कम्पनी.. सैल्यूट’ ‘अपने पेट्रोल के लिए तेज चल।
उपरोक्त समारोह के अन्त में गाइड कैप्टन या निरीक्षण पर आये अन्य उपस्थिति महानुभाव को इस अवसर के महत्व से सम्बन्धित शब्द बोलने के लिए कहा जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि, अपनी स्वयं की गाइड की दीक्षा करना वारन्टेड गाइडर की विशेषाधिकार है। यदि कमिश्नर उपस्थित है, तब इस समारोह के बाद दो शव आयुक्त या बोलने के लिए निवेदन किया जा सकता है। इस समारोह में दीक्षित की जाने वाली गाइडस के अभिभावकों को भी आमंत्रित किया जा सकता है।

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