भारत स्काउट एवं गाइड ध्वज-शिष्टाचार की विधि (Flag Ceremony)
भारत स्काउट एवं गाइड ध्वज-शिष्टाचार (Flag Ceremony)
स्काउट/गाइड अपना दैनिक कार्य ध्वज-शिष्टाचार से प्रारम्भ करते हैं। कब-बुलबुल, स्काउट/गाइड तथा रोवर्स रेंजर्स का ध्वज शिष्टाचार का अपना-अपना विशिष्ट तरीका है। स्काउट/गाइड ध्वज शिष्टाचार नालाकार (Horse Shoe Formation) में खड़े होकर किया जाता है। रैलियों व शिविरों में जहाँ संख्या बहुत अधिक हो टोली-नायक दल नायक नालाकार या सूर्य की किरणों की भाँति अर्द्धवृत्त में खड़े होते हैं। शेष सदस्य उनके पीछे खड़े होंगे।
नालाकार घेरा बनाने की विधि (Horse Shoe)
नालाकार में खड़े करने की इस विधि का आंकलन एक दल (24 से 32) के लिये किया गया है। समतल भूमि पर झण्डे के लिये कोई बिन्दु 0 लिया। जिस पर समकोण बनाते हुए पूर्व-पश्चिम, उत्तर दक्षिण रेखायें खींचली।
0 के ठीक पीछे 2 कदम पर A और 2 कदम पर B लिया, A और B पर एक-एक खूटी गाड़ दी। B से 8 कदम ABC बनाते हुए C लेकर तीसरी खूटी गाड़ दी। अब AC पर दुहरी रस्सी लगा दी और A से खूटी हटा कर (0 के पूर्व-पश्चिम में XY रेखा पर कस कर रस्सी से घेरा बना दिया, XYZ अभीष्ट नालाकर बन जायेगा A0 से Aकी ओर तीन कदम पर PQ रेखा खींच दी जिस पर स्काउटर्स गाइडर्स और अधिकारी खड़े होंगे।
ध्वज-शिष्टाचार की विधि व आदेश
स्काउट दल
दल नालाकार में विश्राम अवस्था में खड़ा होगा, नेतृत्व तीन व्यक्ति करेंगे लीडर, सहायक और ध्वज लीडर। नालाकार के आगे ध्वज पोल से ठीक दो कदम आगे सहायक स्काउट मास्टर खड़ा होगा जिसका कार्य है, दल को ठीक प्रकार नालाकार में खड़ा कर गणवेश का निरीक्षण कर लेना। दल को सावधान कर एक कदम बायें लेकर पीछे मुड़ेगा और तीन कदम आगे जाकर अपने स्थान पर रुकेगा। पीछे मुड़कर दल को विश्राम तथा सावधान कर पुनः पिछे मुड़कर सैल्यूट करते हुऐ दायित्व स्काउट मास्टर को दे देगा। स्काउट मास्टर उसके ठीक 1 कदम पीछे और सबके दाहिनी तरफ खड़ा होगा जो उनसे कार्य संचालक का दायित्व प्राप्त करेगा। अन्य सभी अधिकारी व व्यक्ति लीडर के बायीं ओर खड़े होंगे। नालाकार में सबसे दाहिने प्रथम स्थल पर ध्वज लीडर खड़ा रहेगा।
गाइड कम्पनी
कम्पनी को नालाकार से पूर्व सहायक लीडर द्वारा ध्वज के सामने खड़ा किया जायेगा। सबसे पहले ‘ध्वज दल सजा’- के आदेश पर ध्वज फहराने वाली गाइड्स खड़ी होंगी। बड़े आगे छोटे पीछे दो कतार बन आदेश पर ध्वज दल के पीछे बड़ी गाइड खड़ी होगी तथा कदवार छोटे पीछे होंगी। नालाकार बनाते हुए कदम-ताल के आदेश पर ध्वज दल के दोनों ओर बड़ी गाइड खड़ी होती चली जायेगी। पूर्ण नालाकर बन जाने पर ‘कम्पनी थम’ और ‘विश्राम’ का आदेश होगा। विस्तारपूर्वक जानने के लिये प्रवेश गाइड या गर्ल गाइडिंग इन इण्डिया देखें।
आगे का संचालन-क्रम
आगे का संचालन-क्रम निम्नवत् होगा
सहायक लीडर-दल कम्पनी-सावधान (इस आदेश के पश्चात् पीछे लीडर को सैल्यूट कर एक कदम दाहिने के पश्चात् स्थान का अदल-बदल होगा।)
Flag Ceremony)
1. दल/कम्पनी – विश्राम्।
2.सावधान
3. प्रार्थना-शुरू (दयाकर दान भक्ति का लय पूर्वक गाई जायेगी)।
4. विश्राम्।
5. आज का शुभ विचार (पहले से नियुक्त गाइड एक कदम आगे लेकर शुभ विचार कहेंगी।(केवल गाइडस के लिये)
6. दल/कम्पनी – सावधान
7. ध्वज लीडर/ध्वज दल-चल-दो। स्काउट ध्वज लीडर अपनी सीध में चलकर ध्वज पोल के ठीक सामने रुकेगी, दाहिने मुड़कर पोल के निकट आने के लिये एक कदम आगे लेगी तथा दाहिने हाथ से हेलियाई (रस्सी) को पकड़ लेगी। गाइड ध्वज-दल अपनी कलर पार्टी लीडर के निर्देश पर ध्वज पोल के आगे दो कदम के फासले पर रुकेगी। केवल पार्टी लीडर एक कदम आगे बढ़ कर हेलियाई (रस्सी) को पकड़ेगी।
8. सैल्यूट। इस आदेश पर ध्वज लीडर के अलावा बाकी सभी उपस्थित लोग तुरन्त सैल्यूट करेंगी। ध्वज लीडर डोरी को ‘क्लीट’ के नीचे जहां तक उसका हाथ जाये झटकेगी और तुरन्त ही ‘क्लीट’ पर ‘फिगर ऑफ एट’ बनाकर डोरी लपेटे तथा स्काउट लीडर एक कदम पीछे हट कर सैल्यूट करेगी।
गाइड लीडर एक कदम पीछे हटकर कलर पार्टी को एक कदम पीछे हटने तथा फिर सैल्यूट का आदेश देगी।
9. झण्डा गीत – शुरू (भारत स्काउट गाइड झण्डा-गीत गाया जायेगा) झण्डा-गीत की समाप्ति पर ध्वज लीडर/कलर पार्टी अपने स्थान पर लौट जायेंगी।
10. दल कम्पनी विश्राम्। इसके पश्चात् निरीक्षण रिपोर्ट, विजय पताकाएँ देना तथा संक्षिप्त निर्देश दिये जा सकते हैं।
11.साव-धान।
12. स्व-स्थान (दायें मुड़कर एक कदम दायें ले कर कतार तोड़ दी जायेगी)।
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