स्काउट/ गाइड सैल्यूट (Salute) कब करते हैं ?
स्काउट/गाइड सैल्यूट (Salute)
स्काउट गाइड सैल्यूट आदर और विनम्रता का प्रतीक है। जो भी पहले देख ले वह सैल्यूट करता है। छोटे-बड़े का भेद किये बिना प्रतिदिन जो पहले देखते हैं वो सैल्यूट करते है। सैल्यूट देते समय दाहिने हाथ को कन्धे की सीध में ले जाकर कुहनी से इस प्रकार मोड़ा जाता है, कि तर्जनी अंगुली दायें भौंह के ऊपर मध्य भाग का स्पर्श करे। दो-तीन सेकंड रुककर हाथ आगे के छोटे रास्ते से गिरा दिया जाता है।
यदि हाथ में स्टिक’ हो तो उसे बगल में दबाकर सैल्यूट किया जाना चाहिए। स्काउट लाठी दायें हाथ में हो तो भूमि से तनिक उठाकर बायें हाथ से स्काउट चिह देकर तर्जनी अंगुली से लाठी स्पर्श होगी, बायें कन्धे पर लाठी हो तो दायें हाथ की तीनों अंगुलियां लाठी को स्पर्श करेंगी।
दोनों में कोई वस्तु होने पर दायें बायें देखकर अभिवादन (सैल्यूट) किया जाता है। ‘मार्च’ के अतिरिक्त सैल्यूट सावधान अवस्था में ही दिया जाता है। रैली में मार्च करते समय लीडर सैल्यूट करेगा। शेष सभी सदस्य हाथ हिलाते हुए दायें/बायें देखते हुए अभिवादन करेंगे।
‘दाहिना दर्शक’ अर्थात दर्शकों के सामने की लाइन ही दायाँ बायाँ नहीं देखती। कलर पार्टी का लीडर सैल्यूट करेगा, शेष उपरोक्तानुसार कार्य करेंगे।
राष्ट्रीय ध्वज, स्काउट गाइड ध्वज और विश्व स्काउट/गाइड ध्वज फहराने पर ‘सावधान’ में सैल्यूट होगा। इसके अतिरिक्त टोली/दल के निरीक्षण में टोली दल नायक सैल्यूट करेंगे।
पुरस्कार पाने, आदेश पाने या आदेश प्राप्ति करने के लिये कर सावधान खड़ा होना चाहिए। आने पर भी स्काउट गाइड सैल्यूट दिया जाता है। ध्वज-अवतरण के समय सैल्यूट न शव यात्रा, मुख्य अतिथि व मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त, राज्य मुख्य आयुक्त अन्य आयुक्तों को सैल्यूट करते हैं। स्काउट गाइड जब यूनिफॉर्म में हों, भले ही स्काउट कैप न पहने हों, सैल्यूट करते हैं। धार्मिक अवसरों पर सैल्यूट न कर सावधान में खड़े होना चाहिए। मृतक व्यक्ति के सम्मान में भी स्काउट/गाइड सैल्यूट दिया जाता है।
सैल्यूट कब करते हैं ? When do Scouts / Guides do Salute?
निम्नलिखित अवसरों पर सैल्यूट किया जाता है-
1. जब एक स्काउट/गाइड दूसरे स्काउट / गाइड से या किसी अधिकारी से दिन में पहली बार मिलता है।
2. राष्ट्रीय ध्वज, स्काउट-गाइड ध्वज व राष्ट्रों के ध्वज फहराते समय सब सैल्यूट करते हैं।
3. जब दल या टोली में कोई अधिकारी निरीक्षण करने आते हैं तब लीडर अपने दल को सावधान का आदेश देकर,अधिकारी के लगभग 3 कदम दूरी तक आ जाने पर स्वयं एक कदम आगे बढ़कर सैल्यूट करता है।
4. मार्च पास्ट में जब कोई दल अपने झण्डे को लेकर चलता है तब केवल नायक सैल्यूट करता है। शेष स्काउट/गाइड मुख्य झण्डे की ओर दाहिनी / बांयी दृष्टि करते हैं।
5. किसी शव को देखकर सैल्यूट किया जाता है ।
6. जब दोनों हाथ भरे हुए हों, तो स्थिति के अनुसार आँखों को दांयी या बांयी ओर थोड़ा सा झुका कर सैल्यूट किया जाता है।
नोट:- धार्मिक कार्यों में सावधान की स्थिति में खड़े रहेंगे सैल्यूट नहीं करेंगे।
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