वस्तु की कोणिक दूरी (Bearing) क्या होती है स्काउट में इसकी उपयोगिता बताइए
उत्तर-दक्षिण रेखा पर किसी वस्तु का घड़ी की सुई की दिशा में जो कोण बनता है | उसे उस वस्तु की कोणिक दूरी (Bearing) कहते है। उदाहरण के लिये किसी स्थान से किसी मन्दिर की कोणिक दूरी कम्पास से 45° आती है तो मन्दिर का बियरिंग 45° हुई।
अतः मानचित्र पर कोई वस्तु किसी स्थान से उत्तर दिशा से घड़ी की सुई की दिशा (Clockwise) में जितने अंश का कोण बनाती है वह उस वस्तु की बियरिंग कहलाती है.
फारवर्ड बियरिंग (Forward Bearing)
किसी स्थान से उत्तर दिशा से घड़ी दिशा में उस वस्तु की जो कोणिक दूरी होगी वह उस वस्तु का फारवर्ड विधान कहलायेगी।R स्थान से स्थान से मन्दिर का फारवर्ड बियरिंग 45 है।
बैक बियरिंग (Back Bearing)-
वस्तु से पूर्व की कोणिक दूरी बैक बियरिंग कहलाती है। B.B. एक प्रकार से FB. की शुद्धता ज्ञात करने के लिये प्राप्त की जाती है। उक्त उदाहरण में मन्दिर से पूर्व स्थान (A) की कोणिक दूरी 225 B.B. है।
FB.180 से कम हो तो उसमें 180° जोड़कर और 180° से अधिक हो तो उसमें से 180° घटाकर B.B. ज्ञात किया जा सकता है।
एक ट्रेल( भमण) का अनुसरण जिसमें कोण और दूरी दी गई हो-
स्काउटर/गाइडरद्वाराटोली नायको को निम्न प्रकार निर्देशित किया गया:-
(अ) दोपहर 3 बजे सभी टोलियाँ शिविर गेट पर जमा होंगी।
(ब) प्रत्येक टोला नायक अपने साथ कम्पास लेकर चलेंगे।
(स) गेट से 45° डिग्री के कोण पर 200 मीटर जंगल से होकर चलेंगे।
(द) यहाँ पहुचकर 60° डिग्री के कोण पर 400 मीटर आगे चलें वहाँ पर एक विशाल बरगद का वृक्ष मिलेगा, इस स्थान पर टोली वार एक सामूहिक देश गीत गायें।
(घ) वहां से 200° के कोण पर पगडंडी से चलें । लगभग 300 मीटर चलकर रुके। यहाँ से 320° के कोण में लगभग 500 मीटर चलें और शिविर में पहुँचें।
उक्त निर्देशों का अनुसरण करते हुए, कम्पास से कोण और कदम से दूरी का अनुमान लगाकर टोलियाँ इस ट्रेल पर आनन्द ले सकती हैं।
अतः मानचित्र पर कोई वस्तु किसी स्थान से उत्तर दिशा से घड़ी की सुई की दिशा (Clockwise) में जितने अंश का कोण बनाती है वह उस वस्तु की बियरिंग कहलाती है.
फारवर्ड बियरिंग (Forward Bearing)
किसी स्थान से उत्तर दिशा से घड़ी दिशा में उस वस्तु की जो कोणिक दूरी होगी वह उस वस्तु का फारवर्ड विधान कहलायेगी।R स्थान से स्थान से मन्दिर का फारवर्ड बियरिंग 45 है।
बैक बियरिंग (Back Bearing)-
वस्तु से पूर्व की कोणिक दूरी बैक बियरिंग कहलाती है। B.B. एक प्रकार से FB. की शुद्धता ज्ञात करने के लिये प्राप्त की जाती है। उक्त उदाहरण में मन्दिर से पूर्व स्थान (A) की कोणिक दूरी 225 B.B. है।
FB.180 से कम हो तो उसमें 180° जोड़कर और 180° से अधिक हो तो उसमें से 180° घटाकर B.B. ज्ञात किया जा सकता है।
एक ट्रेल( भमण) का अनुसरण जिसमें कोण और दूरी दी गई हो-
स्काउटर/गाइडरद्वाराटोली नायको को निम्न प्रकार निर्देशित किया गया:-
(अ) दोपहर 3 बजे सभी टोलियाँ शिविर गेट पर जमा होंगी।
(ब) प्रत्येक टोला नायक अपने साथ कम्पास लेकर चलेंगे।
(स) गेट से 45° डिग्री के कोण पर 200 मीटर जंगल से होकर चलेंगे।
(द) यहाँ पहुचकर 60° डिग्री के कोण पर 400 मीटर आगे चलें वहाँ पर एक विशाल बरगद का वृक्ष मिलेगा, इस स्थान पर टोली वार एक सामूहिक देश गीत गायें।
(घ) वहां से 200° के कोण पर पगडंडी से चलें । लगभग 300 मीटर चलकर रुके। यहाँ से 320° के कोण में लगभग 500 मीटर चलें और शिविर में पहुँचें।
उक्त निर्देशों का अनुसरण करते हुए, कम्पास से कोण और कदम से दूरी का अनुमान लगाकर टोलियाँ इस ट्रेल पर आनन्द ले सकती हैं।
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