स्काउट/गाइड के लिये भोजन बनाना अनिवार्य
स्काउट/गाइड के लिये भोजन बनाना अनिवार्य
स्काउट/गाइड के लिये भोजन बनाना इस लिये अनिवार्य किया गया है कि वे बचपन से ही उसे बनाना सीखें। शिविर में टोलीवार भोजन बनाने से प्रत्येक सदस्य को भोजन बनाने की जानकारी हो जाती है तथा उनमें आत्मनिर्भरता का भाव आता है। अपने आप बनाये भोजन से संतोष व स्वाद प्राप्त होता है और बचत भी होती है। दूसरों के द्वारा पकाये गये भोजन में अनेक नुक्ताचीनी की जाती है। अशुद्धता, कच्चापन व अपव्यय की शिकायत बनी रहती है।
शिविर, रैली, जम्बूरी में जो टोलियां भोजन स्वयं बनाकर खाती है वे अधिक स्वस्थ और सक्रिय रहती है, इससे उनके विद्यालय स्काउट/गाइड कोष की भी बचत होती है। जिन विद्यालयों के स्काउट गाइड भोजन का खर्च भी विद्यालय से वहन कराते हैं वे एक दो शिविर या रैलियों में भाग लेकर ठण्डे पड़ जाते हैं। अतः विद्यालय कोष का प्रशिक्षण सामग्री, साहित्य, मार्ग-व्यय, शिविर शुल्क, हाइक आदि के लिये उपयोग किया जाना चाहिए। भोजन व्यवस्था की पूर्ण जिम्मेदारी स्काउट/गाइड को स्वयं वहन करनी चाहिए।
प्रत्येक स्काउट/गाइड को सब्जी, रोटी, चावल, दाल, सलाद, चटनी, चाय, कॉफी,नाश्ता बनाना तथा भोजन परोसना आना चाहिए। यही नहीं उन्हें कम से कम बर्तनों से अधिक से अधिक भोज्य पदार्थ बनाना भी आना चाहिए।
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