स्काउट में कम्प्यूटर का प्रयोग
स्काउट में कम्प्यूटर का प्रयोग
कम्प्यूटर का आविष्कार 1837 में इंगलिश पॉलीमैथ (गणितज्ञ) दार्शनिक,
अन्वेषक और यान्त्रिक इंजीनियर चार्लस् बैबेज (Charles Babbage) ने किया। इसलिये उन्हें कम्प्यूटर का जनक (Father of Computer) कहा जाता है।
कम्प्यूटर एक इलैक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो आंकड़े (Datas) और निर्देशी
(Instructions) को प्राप्त करता है। कम्प्यूटर के आविष्कार से संचार जगत को एक नई दिशा मिली है। अनेक कार्यों को एक सेकण्ड में कर डालने वाला कम्प्यूटर आज हमारे जीवन का प्रमुख हिस्सा बन गया है। कम्प्यूटर द्वारा गणना करना सरल और त्वरित हो गया है। यह गणना ही नहीं करता वरन बैंक, कार्यालयों, शिक्षा, अन्वेषण और चिकित्सा विज्ञान में भी क्रांतिकारी कार्य कर रहा है।
कम्प्यूटर मनुष्य से तेज काम करता है। इसके परिणाम शत-प्रतिशत सही होते हैं। मनुष्य की भांति यह कभी भी धकावट अनुभव नहीं करता, क्योंकि इसके पास अपना मास्तिष्क नहीं है। यह अनेक कार्य करने में सक्षम हैं। जैसे-तकसंगत समस्यायें, गणितीय गणना कार्य, ई-मेल भेजना, चित्र बनाना आदि।
कम्प्यूटर तभी कार्य करता है, जब प्रोग्राम में किसी प्रकार की त्रुटि न हो, अन्यथा यह कार्य नहीं करेगा, यह इसकी एक त्रुटि है।
कम्प्यूटर के सभी पार्ट्स (जिन्हें हम छू सकते हैं) हार्डवेयर के अंतर्गत आते हैं। .
सॉफ्ट वेयर में वे सभी कार्य आते हैं। (जिन्हें हम छू नहीं सकते), जैसे- Programs, Procedure, Documentation, Processing, Outputting
आज कल बच्चा-बच्चा कम्प्यूटर के बारे में जानता है। क्योंकि प्रारंभिक कक्षाओं से ही इसे शिक्षा का अभिन्न अंग बना दिया गया है। अतः प्रत्येक स्काउट गाइड को भी इसका ज्ञान होना अत्यावश्यक है।
इलेक्ट्रोनिक मेल (ई-मेल)
इलेक्ट्रोनिक मेल साधारणतः email या e-mail के रूप में 1993 से जाना जाता है। यह डिजिटल संदेश को एक-दूसरे को आदान प्रदान करने का तरीका है। यह इन्टरनेट से संचालित होता है। इसमें संदेश को भेजना स्वीकार करना अथवा सुरक्षित किया जाता है। चाहे दूसरा ऑन लाइन हो या ना हो संदेश दूसरे तक पहुंच जाता है। बहुत सारे साफ्टवेयर है जहाँ से हम ई. मेल बना सकते है जैसे माइक्रोसॉफ्ट, आउटलुक जी मेल, हॉट मेल, रेडीफ मेल, याहू मल, आउटलूक इत्यादि।
ई-मेल आइडी बनाने का तरीका
1. वेब ब्राउसर खोलें।
2. डोमेन खोलें जिस पर आई.डी. बनाना चाहते हैं
Example- www.google.com/gmail/about#
3. क्रियेट एन एकाउन्ट को क्लिक करें।
4. विवरण भरें।
5. नेक्सट (अगला) बटन क्लिक करें।
6. अपना फोन नम्बर डालें पुष्टिकरण करें।
7. फोन नम्बर डालने के बाद दो विकल्प आयेगें एस.एम.एस. और वॉयस कॉल दोनों में से कोई एक चुनें।
8. इससे आपको एक कोड प्राप्त होगा इस कोड को जहां आप मेल आई.डी. बना रहे है। उस जगह एक बॉक्स में डाले।
9. कंटीन्यू बटन को क्लिक करें।
10. इस तरह लगभग आपकी आई.डी. बन गई। अगर आप अपना तस्वीर डालना चाहते है। तो
11. एडिट प्रोफाइल फोटो बटन को क्लिक करें।
12. इसके बाद नेक्सट सेव बटन क्लिक करें।
13. क्लिक कंटीन्यू बटन
इस तरह आपकी ई-मेल आइ-डी तैयार, अब आप भी इलेक्ट्रॉनिक दुनिया का आनन्द उठा सकते हैं।
कम्प्यूटर का आविष्कार 1837 में इंगलिश पॉलीमैथ (गणितज्ञ) दार्शनिक,
अन्वेषक और यान्त्रिक इंजीनियर चार्लस् बैबेज (Charles Babbage) ने किया। इसलिये उन्हें कम्प्यूटर का जनक (Father of Computer) कहा जाता है।
कम्प्यूटर एक इलैक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो आंकड़े (Datas) और निर्देशी
(Instructions) को प्राप्त करता है। कम्प्यूटर के आविष्कार से संचार जगत को एक नई दिशा मिली है। अनेक कार्यों को एक सेकण्ड में कर डालने वाला कम्प्यूटर आज हमारे जीवन का प्रमुख हिस्सा बन गया है। कम्प्यूटर द्वारा गणना करना सरल और त्वरित हो गया है। यह गणना ही नहीं करता वरन बैंक, कार्यालयों, शिक्षा, अन्वेषण और चिकित्सा विज्ञान में भी क्रांतिकारी कार्य कर रहा है।
कम्प्यूटर मनुष्य से तेज काम करता है। इसके परिणाम शत-प्रतिशत सही होते हैं। मनुष्य की भांति यह कभी भी धकावट अनुभव नहीं करता, क्योंकि इसके पास अपना मास्तिष्क नहीं है। यह अनेक कार्य करने में सक्षम हैं। जैसे-तकसंगत समस्यायें, गणितीय गणना कार्य, ई-मेल भेजना, चित्र बनाना आदि।
कम्प्यूटर तभी कार्य करता है, जब प्रोग्राम में किसी प्रकार की त्रुटि न हो, अन्यथा यह कार्य नहीं करेगा, यह इसकी एक त्रुटि है।
कम्प्यूटर के सभी पार्ट्स (जिन्हें हम छू सकते हैं) हार्डवेयर के अंतर्गत आते हैं। .
सॉफ्ट वेयर में वे सभी कार्य आते हैं। (जिन्हें हम छू नहीं सकते), जैसे- Programs, Procedure, Documentation, Processing, Outputting
आज कल बच्चा-बच्चा कम्प्यूटर के बारे में जानता है। क्योंकि प्रारंभिक कक्षाओं से ही इसे शिक्षा का अभिन्न अंग बना दिया गया है। अतः प्रत्येक स्काउट गाइड को भी इसका ज्ञान होना अत्यावश्यक है।
इलेक्ट्रोनिक मेल (ई-मेल)
इलेक्ट्रोनिक मेल साधारणतः email या e-mail के रूप में 1993 से जाना जाता है। यह डिजिटल संदेश को एक-दूसरे को आदान प्रदान करने का तरीका है। यह इन्टरनेट से संचालित होता है। इसमें संदेश को भेजना स्वीकार करना अथवा सुरक्षित किया जाता है। चाहे दूसरा ऑन लाइन हो या ना हो संदेश दूसरे तक पहुंच जाता है। बहुत सारे साफ्टवेयर है जहाँ से हम ई. मेल बना सकते है जैसे माइक्रोसॉफ्ट, आउटलुक जी मेल, हॉट मेल, रेडीफ मेल, याहू मल, आउटलूक इत्यादि।
ई-मेल आइडी बनाने का तरीका
1. वेब ब्राउसर खोलें।
2. डोमेन खोलें जिस पर आई.डी. बनाना चाहते हैं
Example- www.google.com/gmail/about#
3. क्रियेट एन एकाउन्ट को क्लिक करें।
4. विवरण भरें।
5. नेक्सट (अगला) बटन क्लिक करें।
6. अपना फोन नम्बर डालें पुष्टिकरण करें।
7. फोन नम्बर डालने के बाद दो विकल्प आयेगें एस.एम.एस. और वॉयस कॉल दोनों में से कोई एक चुनें।
8. इससे आपको एक कोड प्राप्त होगा इस कोड को जहां आप मेल आई.डी. बना रहे है। उस जगह एक बॉक्स में डाले।
9. कंटीन्यू बटन को क्लिक करें।
10. इस तरह लगभग आपकी आई.डी. बन गई। अगर आप अपना तस्वीर डालना चाहते है। तो
11. एडिट प्रोफाइल फोटो बटन को क्लिक करें।
12. इसके बाद नेक्सट सेव बटन क्लिक करें।
13. क्लिक कंटीन्यू बटन
इस तरह आपकी ई-मेल आइ-डी तैयार, अब आप भी इलेक्ट्रॉनिक दुनिया का आनन्द उठा सकते हैं।
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