विद्यालय विकास परियोजना के अंतर्गत सेवा कार्य
विद्यालय विकास परियोजना के अंतर्गत सेवा कार्य
अपने प्रधानाचार्य से स्वीकृति लेकर प्रत्येक टोली को अपने विद्यालय विकास की कोई परियोजना चुन लेनी चाहिए जिनमें निम्नलिखित कार्य सम्मिलित किये जा सकते हैं-
स्वच्छता अभियान
कक्षों की स्वच्छता, फर्नीचर की स्वच्छता, पानी की टंकी, शौचालय, मूत्रालय की स्वच्छता, विद्यालय की पुताई, रंग साजी आदि कार्य अपनाये जा सकते हैं।
सौन्दर्यांकरण – पुष्प वाटिका, घास का लॉन, झाड़ी की बाड़ लगाना, मार्गों की सुव्यवस्था आदि कार्य किये जा सकते हैं।
वृक्षारोपण – विद्यालय की वह भूमि जहाँ वृक्ष लगाये जा सकते हैं- जैसे मैदान के चारों ओर तथा भवन के आगे-पीछे। इस कार्य में गड्ढे बनाना, खाद देना, पौर लगाना, निढाई-गुड़ाई तथा सिंचाई करते रहना सम्मिलित किये जा सकते है।
सद्वाक्य लिखना – कक्षा-कक्षों, बरामदों, भवन के उपयुक्त स्थानों पर सद्विचार लिखने का कार्य अपनाया जा सकता है। उक्त कार्यों के अतिरिक्त भी स्थान, समय और आवश्यकतानुसार कार्य अपनाये जा सकते हैं।
अपने प्रधानाचार्य से स्वीकृति लेकर प्रत्येक टोली को अपने विद्यालय विकास की कोई परियोजना चुन लेनी चाहिए जिनमें निम्नलिखित कार्य सम्मिलित किये जा सकते हैं-
स्वच्छता अभियान
कक्षों की स्वच्छता, फर्नीचर की स्वच्छता, पानी की टंकी, शौचालय, मूत्रालय की स्वच्छता, विद्यालय की पुताई, रंग साजी आदि कार्य अपनाये जा सकते हैं।
सौन्दर्यांकरण – पुष्प वाटिका, घास का लॉन, झाड़ी की बाड़ लगाना, मार्गों की सुव्यवस्था आदि कार्य किये जा सकते हैं।
वृक्षारोपण – विद्यालय की वह भूमि जहाँ वृक्ष लगाये जा सकते हैं- जैसे मैदान के चारों ओर तथा भवन के आगे-पीछे। इस कार्य में गड्ढे बनाना, खाद देना, पौर लगाना, निढाई-गुड़ाई तथा सिंचाई करते रहना सम्मिलित किये जा सकते है।
सद्वाक्य लिखना – कक्षा-कक्षों, बरामदों, भवन के उपयुक्त स्थानों पर सद्विचार लिखने का कार्य अपनाया जा सकता है। उक्त कार्यों के अतिरिक्त भी स्थान, समय और आवश्यकतानुसार कार्य अपनाये जा सकते हैं।
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