शिविराग्नि पर लोकगीत/ देश गीत में प्रतिभाग/नाटिका

शिविराग्नि पर लोकगीत/ देश गीत में प्रतिभाग/नाटिका

स्काउट/गाइड जब अपने शिविर के दैनिक कार्य पूर्ण कर लेते हैं तो दिन भर की थकान मिटाने, हंसने और हंसाने के लिये रात्रि में शिविराग्नि के चारों और बैठकर मनोरंजनात्मक कलापों जैसे-प्रहसन नाटक, भजन, देश-गीत. लोकगीत व लोकनृत्य, कहानी, चुटकुले आदि अपनाते हैं।

इस अवसर पर किसी वार्ता, कहानी या किसी महापुरुष के जीवन की घटनाएँ भी प्रस्तुत की जा सकती हैं।
शिविराग्नि वह स्थल है जहा एक दूसरे को समझने और प्रेरित होने का अवसर मिलता है। “स्काउट/गाइड सबका/सबकी मित्र और प्रत्येक दूसर स्काउट/गाइड का भाई बहन होता होती है।” यह तीसरे नियम की भावना का द्योतक है। इसमें टोली विधि और नेतत्व कार्यशील रहती है। स्काउटर/गाइडर को उन्हें अच्छी तरह जानने का अवसर प्राप्त होता है। संगीत और कला के प्रति लगाव बढ़ता है । प्रशिक्षण का नैतिक मूल्यों को सिखाने का महत्वपूर्ण स्थान है।

इस अवसर पर टोली नायक सहायक टोली नायकों की दीक्षा संस्कार और अन्य पदक, बैज प्रदान करने का भी उचित स्थान है।

शिविराग्नि से पूर्व भौतिक संसाधन, शिविर स्थल की रूपरेखा, आग जलाने की विधि, संचालन, कार्यक्रम की रूपरेखा, प्रस्तुति, समापन आदि सभी प्रकार की योजना तैयार कर ली जानी चाहिए। “Well planing is half done” को ध्यान में रखना आवश्यक है।

शिविराग्नि के कार्यक्रम मनोरंजनात्मक के साथ-साथ नैतिक मूल्यों पर आधारित हों। ऐसे कार्यक्रम न हों जो फूहड, धार्मिक व्यंगात्मक, डरावने दृश्य, नकारात्मक सोच लिये, मृतक व्यक्ति की लाश ले जाते हुए, स्काउट/गाइड उद्देश्यों के विरुद्ध कदापि न प्रदर्शित किये जायें।

शिविराग्नि (Camp Fire) जहाँ मनोविनोद से थकावट दूर करने की विद्या है वहीं एक शैक्षिक वातावरण का स्थल भी बनता है। स्काउटिंग/गाइडिंग का मनारजन अन्य मनोरंजनों से भिन्न इसलिये हैं क्योंकि इसकी शिविराग्नि में देश भक्ति से ओत-प्रोल देश-गीत, विभिन्न प्रदेशों के लोकगीत व नृत्य, आदर्श प्रहसन-नाटक, पयावरणीय चेतना जगाने, सामाजिक कुरीतियों को मिटाने जैसे दहेज-प्रथा, रूढ़ीवादी विचार, पोट शिक्षा, सर्वशिक्षा अभियान, जनसंख्या नियंत्रण, स्वच्छता अभियान, आतंकवाद के विरुद्ध जनचेतना जगाना, वृद्ध-सम्मान आदि तथा आध्यात्मिक उन्नति के प्रयास जैसे समाजोपयोगी कार्यक्रम की प्रस्तुति को विशेष महत्व दिया जाता है।

शिविराग्नि (Camp Fire) का तात्पर्य है अग्नि के चारों ओर बैठक उक्त प्रकार के कार्यक्रमों की प्रस्तुति। एक तो अग्नि से वातावरण गर्म हो जाता है। (विशेषकर जाड़ों में), आस-पास के वायुमण्डल में विचरण करते जीवाणु, (कीट पतंगादि) नष्ट हो जाते हैं, (जहाँ प्रकाश की व्यवस्था नहीं), प्रकाश मिलता है, तो दूसरी ओर पवित्र अनि के सानिध्य में अश्लील, भौड़ें कार्यक्रम प्रस्तुत न करने की प्रेरणा भी मिलती है।

स्काउट/गाइड शिविराग्नि का प्रारंभ और अंत एक विशेष प्रकार से किया जाता है। जिसमें चारों दिशाओं से मशाल जलाये संदेशवाहक आदर्श वाक्यों का उद्घोष करते हुए केन्द्र में आते हैं। मुख्य अतिथि से शुभारंभ के अनुरोध के साथ ही कैम्प फायर गीत गाते हुए अग्नि प्रज्वलित की जाती है। कार्यक्रम संचालक क्रमशः कार्यक्रमों को प्रदर्शित कराता कराती है। कार्यक्रम की अन्तिम प्रस्तुति सबसे आकर्षक रखी जाती है। एक आदर्श शिविराग्नि कार्यक्रम एक घंटे का होता है। टोलीवार प्रस्तुति दी जाती है। प्रत्येक सदस्य को शिविराग्नि कार्यक्रम प्रस्तुति देना अनिवार्य है, इससे उनमें प्रतियोगिता की भावना जागृत होती है और कल्पना शक्ति को मूर्त रूप देने में सफलता प्राप्त होती है। शर्मीले स्काउट/गाइड की झिझक दूर होती है।

द्वितीय सोपान स्काउट गाइड के लिये कम से कम दो लोकगीत देश गीत में भाग लेना अनिवार्य किया गया है। साथ ही साथ उसमें अपने अन्य साथियों को समय-समय पर प्रसन्न रखने के लिये चुटकले, उद्धरणों, प्रहसन, वार्तालाप आदि की भी कला आनी चाहिए। कम से कम एक स्किट (व्यंग्य पूर्ण कृति) अपनी टोली में प्रदर्शित कर सके। टोली में एक हसमुख भाई/बहिन होता/ होती है। जो टोली को सदैव जीवन्त रखते हैं। किंतु प्रत्येक टोली के सदस्य को इस कला को जानना चाहिए।

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