मोबाइल फोन उपयोग करते समय सावधानियाँ:-
मोबाइल फोन दैनिक संचार व्यवस्था का एक अभिन्न अंग है। प्रत्येक मोबाइल फोन में बातचीत तथा संदेश भेजने की क्षमता होती है। जानकारी भेजना, मोबाइल में सुरिक्षत करना एक अभेद्य तरीका है। मोबाइल फोन से लोकेशन का भी पता चलता है।
आज के आधुनिक युग में मोबाइल फोन संचार व्यवस्था का सबसे सरल सुगम साधन है जो आसानी से हर गली-मुहल्ले-चौक-चौराहे में उपलब्ध होता है। मोबाइल फोन को भ्रमणि श्रवित यंत्र अथवा सचल दूरभाष यंत्र भी कहते है।
मोबाइल फोन को सर्वप्रथम 1940 में विकसित किया गया। 1908 में प्रो. अल्बर्ट झांके तथा दि ओकलैण्ड ट्रांसकौंटीनेन्टल एरियल टेलीफोन और पावर कम्पनी ने दावा पेश किया कि उन्होंने बेतार टेलीफोन विकसित किया है। मोबाइल फोन का प्रचालन कृत्रिम उपग्रह के द्वारा होता है। शुरुआत में मोबाइल फोन की सेवा टेलीफोन के रूप में विकसित होकर आज 3 जी, 4 जी तक चली गई है। शुरू में जी यानि मोबाइल टेलीफोन सर्विस (MTS) तत्पश्चात “इम्प्रूव्ड मोबाइल टेलीफोन सर्विस’ से हुई। इसके बाद एनालॉग सेल्यूलर नेटवर्क 1जी, डिजिटल सेल्यूलर नेटवर्क 2 जी, ब्राडबैंड द्वारा-3 जी तथा नेटिव आई.पी. नेटवर्क-4 जी आया।
भारत के साथ-साथ विश्व में मोबाइल बनाने की अनेक कम्पनियाँ हैं। जैसे मोटोरोला, नोकिया, सैमसंग, लावा, सोनी इरीक्सनल, ब्लैकबैरी, एल.जी। ये मोबाइल सेलूलर नेटवर्क कम्पनी से जारी सिम कार्ड के द्वारा संचालित होता है। प्रत्येक नेटवर्क कम्पनी का आकृति-विस्तार (Frequence Range) नेटवर्क घेरा (Cellradius) तथा नेटवर्क क्षेत्र (Cell Area) अलग-अलग निर्धारित होती है। इस घेरे से बाहर जाने पर रोमिंग शुरू हो जाती है। सभी नेटवर्क एक दूसरे से जुड़े होते है। भारत में बी. एस. एन.एल., एम. टी. एन. ए ल. आइडिया, रिलायन्स, वोडाफोन, टाटा इण्डिकॉम, डोकोमो इत्यादि मोबाइल फोन नेटवर्क कम्पनी है।
दिन-प्रतिदिन नये नये आकार प्रकार के मोबाइल फोन, मोबाइल कम्पनियां बना रही है। जिससे हमारे रोजमर्रा के काम सेकेण्डों में हल हो जाते है। आज हम मोबाइल से किसी से बातचीत एप संदेश, ई-मेल, बैंकों के काम कर सकते है। मोबाइल से आवश्यक जानकारी भी डाउनलोड कर या भेज सकते है। यह निमः करता है, हमारे मोबाइल फोन पर कि उनमें कितनी सुविधाएं हैं। आज एक मोबाइल की कीमत रुपये 1000/- से लेकर रुपये 25000/- या रुपये 30000/- या उससे ज्यादा है।
मोबाइल फोन उपयोग करते समय सावधानियाँ:-

अनेकानेक राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय रिपोर्ट के सुझाव से अत्याधिक या बेवजह मोबाइल फोन इस्तेमाल करने से मनुष्यों में कैंसरकारी प्रभाव होता है। परन्तु अभी तक इसका कोई वास्तविक साक्ष्य नहीं मिल पाया है। इसलिए इसके इस्तेमाल कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए।
1. बच्चों को मोबाइल फोन इस्तेमाल करने हेतु नहीं देना चाहिए केवल आपातकालीन स्थिति छोड़कर।
2. जब हम बातचीत कर रहे हों तो कोशिश करें कि फोन आपके शरीर से जितना हो सके दूर रहें।
3.फोन वैसे स्थान जैसे बस, ट्रेन, मेट्रो इत्यादि में उपयोग से बचना चाहिए क्योंकि आपके मोबाइल फोन से विद्युत चुम्बकीय क्षेत्र प्रदर्शित होती है।
4. हमेशा अपने शरीर में मोबाइल फोन रखने से बचना चाहिए। रात में सोने के समय शरीर के नजदीक तकिये के नीचे नहीं रखना चाहिए विशेष रूप से गर्भवती महिला के पास । मोबाइल को “फ्लाइट या ऑफ लाइन’ मोड में रखने से विद्युत चुम्बकीय उत्सर्जन को रोक सकते है।
5. अगर आप मोबाइल फोन लेकर चल रहे हों तो की पैड को अपने शरीर की ओर तथा बैक को शरीर से बाहर की तरफ रखें।
6. मोबाइल फोन का इस्तेमाल केवल क्षणिक बातचीत हेतु करें लम्बी बातचीत हेतु टेलीफोन का इस्तेमाल न करें।
7. अगर नेटवर्क सिग्नल कमजोर हो तो या चलती ट्रेन, बस इत्यादि में बातें न करें। क्योंकि इसकी शक्ति (Power) स्वतः बढ़ जाती है और दूसरे एन्टीना से जुड़ जाती है।
Comments
Post a Comment