समोच्च रेखायें क्या होती हैं ?

समोच्च रेखायें

मानचित्रों पर समुद्र तल से समान ऊँचाई वाले स्थानों को मिलाने वाली कल्पित रेखाओं को समोच्च रेखायें कहते हैं ।

इनकी विशेषताएँ निम्नवत् हैं:-
‘ये रेखायें समान ऊँचाई वाले स्थानों को परस्पर जोड़ती है।
एक समोच्च रेखा दूसरी को कभी नहीं काटती।
गोलाकार समोच्च रेखायें पर्वत या खड्ड को प्रदर्शित करती हैं।
” समोच्च रेखायें पूर्ण होती है खण्ड नहीं।
*ये रेखायें किसी स्थान का वास्तविक ढाल बताती है।
* ऊँचाई दिखाने में इन पर बाहर से अंक लिखे जाते हैं और गहराई दिखाने में मध्य में।
* पास-पास की समोच्च रेखायें तीव्र ढाल तथा दूर-दूर की मंद ढाल प्रकट करती है।
-समोच्च रेखाओं में पार्श्व चित्र द्वारा वास्तविक भू-आकृतियों को पुनः प्राप्त किया जा सकता है।
* समोच्च रेखाओं से धरातल की वास्तविक आकृति को समझा जा सकता है।

Grid Reference – मानचित्र में Easting और Northing द्वारा किसी स्थान की स्थिति व्यक्त की जा सकती है। इसे चार, छः या आठ (Digits) में अंकित किया जाता है जैसे 1191 अथवा 118916 अथवा 11859165। छः अंकों के परिचय में पहले पश्चिम से पूर्व को तीन अंक पढ़ें जैसे 11.8 तत्पश्चात् अगले तीन अंक पढ़ें जैसे 91.6 । इस प्रकार 11.8 तथा 91.6 का कटान बिन्दु अभीष्ट स्थान होगा।

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