बेहोशी (Fainting) होने से प्राथमिक चिकित्सा कैसे लें
बेहोशी (Fainting) होने से प्राथमिक चिकित्सा कैसे लें
बेहोशी (Fainting) – मस्तिष्क में रक्त कम पहुँचने के परिणाम स्वरूप बेहोशी होती है।
कारण -थकावट का होना, भोजन की कमी, शक्ति से अधिक परिश्रम, संवेग की स्थिति में, मानसिक सदमा या भय का होना, खून का दृश्य देखकर, अपने प्रिय की दुर्घटना या मृत्यु देखकर, किसी दुर्घटना का शिकार होने पर, शरीर में रक्त कमी होने से, ऑपरेशन के समय, स्वच्छ हवा की कमी, मौसम की कठोरता व तीव्रता आदि कारणों से बेहोशी हो सकती है।
लक्षण -चक्कर आना, भूमि पर गिर पड़ना, त्वचा व चेहरे का पीला पड़ना व चेहरे पर पसीना होना, सांस हल्की व मंद चलना, नाड़ी की गति धीमी व मन्द हो जाना आदि।
उपचार -रोगी को पीठ के बल लिटा दें पर पैर कुछ ऊंचे रखें, कपड़े ढीले कर दें। रोगी के आस-पास भीड़ न लगने दें ताकि उसे स्वच्छ हवा मिल सके। चेहरे पर पानी के छीटें दें। यदि नमक उपलब्ध हो तो उसे सुंघायें। रोगी के ठीक होने पर उसे गर्म चाय या कॉफी दें।
बेहोशी (Fainting) – मस्तिष्क में रक्त कम पहुँचने के परिणाम स्वरूप बेहोशी होती है।
कारण -थकावट का होना, भोजन की कमी, शक्ति से अधिक परिश्रम, संवेग की स्थिति में, मानसिक सदमा या भय का होना, खून का दृश्य देखकर, अपने प्रिय की दुर्घटना या मृत्यु देखकर, किसी दुर्घटना का शिकार होने पर, शरीर में रक्त कमी होने से, ऑपरेशन के समय, स्वच्छ हवा की कमी, मौसम की कठोरता व तीव्रता आदि कारणों से बेहोशी हो सकती है।
लक्षण -चक्कर आना, भूमि पर गिर पड़ना, त्वचा व चेहरे का पीला पड़ना व चेहरे पर पसीना होना, सांस हल्की व मंद चलना, नाड़ी की गति धीमी व मन्द हो जाना आदि।
उपचार -रोगी को पीठ के बल लिटा दें पर पैर कुछ ऊंचे रखें, कपड़े ढीले कर दें। रोगी के आस-पास भीड़ न लगने दें ताकि उसे स्वच्छ हवा मिल सके। चेहरे पर पानी के छीटें दें। यदि नमक उपलब्ध हो तो उसे सुंघायें। रोगी के ठीक होने पर उसे गर्म चाय या कॉफी दें।
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