मोच आने (Sprain) से कैसे उपचार करें
मोच आना (Sprain)
जोड़ों के चारों ओर के अस्थिबन्धन तन्तुओं में खिंचाव आने से फटने से मोच आती है। इस दशा में रोगी के जोड़ों दर्द होता है। सूजन आ जाती है। रोगी उस अंग को हिला नहीं सकता। मोच आने पर रोगी को हिलने-डुलन न दे तथा मोच पर कसकर पट्टी बाध दें। ठण्डे पानी से पट्टी को भिगोते रहें। रोगी को डॉक्टर को दिखावें।
जोड़ों के चारों ओर के अस्थिबन्धन तन्तुओं में खिंचाव आने से फटने से मोच आती है। इस दशा में रोगी के जोड़ों दर्द होता है। सूजन आ जाती है। रोगी उस अंग को हिला नहीं सकता। मोच आने पर रोगी को हिलने-डुलन न दे तथा मोच पर कसकर पट्टी बाध दें। ठण्डे पानी से पट्टी को भिगोते रहें। रोगी को डॉक्टर को दिखावें।
Comments
Post a Comment